एक ₹1 लाख की सैलरी… फिर भी महीने के अंत में जेब खाली?

 

एक ₹1 लाख की सैलरी… फिर भी महीने के अंत में जेब खाली?

अमीर “दिखने” और सच में अमीर “होने” का असली गेम समझ लो!

कभी आपने सोचा है…₹1 लाख की सैलरी होने के बाद भी महीने के आख़िरी 3 दिन क्यों इतने भारी लगते हैं?

आज Instagram की Reels खोलिए — हर दूसरा इंसान iPhone पकड़े, किसी luxury café में बैठा, branded कपड़ों में दिखेगा। हमें लगता है, “वाह! किस्मत हो तो ऐसी… क्या अमीर लाइफ है!” लेकिन सच्चाई थोड़ी कड़वी है।


इनमें से लगभग 80% लोग सिर्फ Show-off के चक्कर में भारी EMI के नीचे दबे होते हैं। बाहर से चमक, अंदर से टेंशन।

आज के सोशल मीडिया के ज़माने में बड़ी गाड़ी, नया iPhone और महंगे रेस्टोरेंट की फोटो देखकर किसी को अमीर मान लेना सबसे बड़ी फाइनेंशियल गलती है। फाइनेंस की दुनिया में — “अमीर दिखना” और “अमीर होना” दो बिल्कुल अलग बातें हैं।

अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख है लेकिन महीने के आखिरी दिन बैंक अकाउंट जीरो हो जाता है, तो आप अमीर नहीं हैं।

वहीं दूसरी तरफ, अगर कोई ₹50,000 कमाता है और ₹20,000 हर महीने बचाकर Invest कर रहा है —
तो वो धीरे-धीरे असली Wealth बना रहा है। कैसे आइये समझाते है -

1. Salary सिर्फ एक “दिखावा” हो सकती है

मान लीजिए आपकी सैलरी ₹80,000 है। आपने एक बड़ी कार ले ली। महंगा फ्लैट किराए पर ले लिया। हर वीकेंड पार्टी, ऑनलाइन शॉपिंग, EMI पर गैजेट्स। और महीने के आखिर में आपके हाथ खाली।



इसका मतलब क्या है? इसका मतलब ये है की आप एक “High-Income Gareeb” हैं।

तो फिर Salary क्या है?

Salary एक नल की तरह है। जब तक नल चालू है, पैसा आता रहेगा। जिस दिन जॉब गई — लाइफस्टाइल एक दिन में ठप।

सैलरी आपको बिल्स भरने में मदद करती है। लेकिन सैलरी आपको Wealthy नहीं बनाती।

Net Worth क्या है?

Net Worth आपकी असली Financial Power है। वो पैसा जो आपके लिए तब भी काम करता है जब आप सो रहे होते हैं। नेट वर्थ कैलकुलेट करने का सिंपल फार्मूला है - 

Total Assets (जो पैसा बनाएं) – Total Liabilities (जो जेब से पैसा निकालें) = Net Worth

अगर आपके पास Assets ज्यादा हैं और Liabilities कम — तो आप सही रास्ते पर हैं।

2. अमीर दिखना बनाम अमीर होना – The Trap

बहुत प्रसिद्ध किताब The Millionaire Next Door में बताया गया है कि असली अमीर लोग अक्सर बहुत साधारण दिखते हैं। वे दिखावटी लाइफ नहीं जीते। वे दिखावे से ज्यादा गणित समझते हैं।


नीचे का फर्क ध्यान से समझिए:

अमीर दिखने वाला (Fake Rich)

  • बड़ी कार, भारी EMI पर
  • Investment लगभग Zero या सिर्फ दिखावे के लिए
  • Mindset: “Log kya kahenge?”
  • Income Source: सिर्फ 1 – Active Job

अमीर होने वाला (Real Wealthy)

  • Reliable कार, अक्सर Cash में ली गई
  • Stocks, Mutual Funds, Real Estate में Investment
  • Mindset: “Mera future kaisa hoga?”
  • Multiple Income Sources – Rent, Dividend, Business

फर्क साफ है। एक इम्प्रेस करना चाहता है। दूसरा Secure होना चाहता है।

3. Rich vs Wealthy – असली फर्क क्या है?

Rich होना क्या है?

Rich होने का मतलब है — आपके पास खर्च करने के लिए बहुत पैसा है। लेकिन ये Temporary हो सकता है।Job गई, Business गिरा — पैसा खत्म।

Wealthy होना क्या है?

Wealthy होने का मतलब है — आपके पास Time और Freedom है। अगर आप आज काम करना छोड़ दें, तो आप कितने साल बिना किसी की मदद के survive कर सकते हैं? वही आपकी असली Wealth है। Wealthy इंसान के पास विकल्प होते हैं। Rich इंसान के पास सिर्फ खर्च होता है।

4. Net Worth कैसे बढ़ाएं? (Practical Action Plan)

अगर आप भी “Fake Rich” के जाल से बाहर निकलना चाहते हैं, तो ये 3 काम आज से शुरू करें:

1. Liabilities खरीदना बंद करें

हर वो चीज़ जो आपकी जेब से पैसा निकाले — और जो आपके काम की नहीं है उसे १ महीने के लिए आगे बड़ा दे या ले ही न
जैसे:

  • बिना जरूरत का पर्सनल लोन
  • महंगे गैजेट्स EMI पर
  • सिर्फ दिखावे के लिए कार

इनसे बचें।

2. Invest First, Spend Later

सैलरी आते ही सबसे पहले कम से कम 20% इन्वेस्ट करें। बाकी बचे पैसों से अपना खर्च चलाएं। जो लोग पहले खर्च करते हैं और फिर बचत सोचते हैं  उनके पास कभी बचत नहीं होती।

3. Appreciation पर ध्यान दें

वो चीजें खरीदें जिनकी कीमत समय के साथ बढ़े:

  • Stocks
  • Mutual Funds
  • SGB (Sovereign Gold Bonds)

उन चीजों से दूर रहें जिनकी कीमत शोरूम से निकलते ही गिर जाए:

  • Car
  • Phone
  • Luxury Items

Conclusion: असली अमीरी शांति देती है, दिखावा नहीं

दोस्तों, लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं, उससे आपका घर नहीं चलता। लेकिन आपका Bank Balance और Investments आपका बुढ़ापा और आपके बच्चों का भविष्य जरूर सुरक्षित करते हैं।

अमीर दिखने के चक्कर में गरीब मत बनिए। शो-ऑफ करने वाला इंसान सिर्फ बैंक को अमीर बनाता है क्योंकि वो ब्याज देता रहता है।

जो Net Worth पर फोकस करता है, वही असली Financial Freedom पाता है। आपका लक्ष्य “अमीर दिखना” नहीं, बल्कि “अमीर बनना” होना चाहिए।

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