Hindi Stories Motivational – इसे पढने के बाद आप जिंदगी में कभी हार नहीं मानेगे।


Hindi Stories Motivational – इन्सान के पास जो है उससे ज्यादा की उम्मीद करता है। यह अच्छी बात है क्योंकि इससे हमें कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। पर कुछ लोग अपनी लाइफ से इतने बोर हो जाते हैं कि उनके पास उदासी के अलावा कुछ नहीं रहता। सब कुछ होते हुए भी उन्हें लगता है कि वह बहुत गरीब है।

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इंसान अपनी खुशहाली पैसों से तौलने लगा है। जिसके पास जितनी दौलत है वह उतना ही खुश होगा। चकाचोंध जिंदगी में हमारी असली खुशी कहां खो सी गई है। दौलत जिंदगी गुजारने का सिर्फ एक जरिया है। आप इससे खुशियां नहीं खरीद सकते। खुशियां और दुख हमारे दिमाग की उपज है। हमारे साथ घटी घटनाओं को हम किस नजरिए से देखते हैं इस पर सुख और दुख डिपेंड करता है।

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जैसे कुछ स्टूडेंट एग्जाम में 60 % लाने पर भी खुश हो जाते हैं। और कुछ 90 % पर भी खुश नहीं होते क्योंकि उनके मुताबिक उन्हें 95 या 99 प्रतिशत लाने थे। कोई व्यक्ति दिन के ₹300 कमाकर भी बहुत खुश हो जाता है। और कोई ₹3000 कमाकर भी यही सोचता है कि इससे मेरा क्या होगा।

दोस्तों सबकी अलग-अलग सोच है और अलग-अलग काम है। जब कोई अपना काम पूरा नहीं कर पाता तो उसे इतना दुख होता है कि उसमें हीन भावना आ जाती है। हमारी की एक ही प्रॉब्लम है कि भगवान ने हमें जीने के लिए बहुत कम समय दिया है और करने के लिए बहुत सारे काम दिए हैं। अगर आप रोज काम करें वह भी बिना किसी फल की इच्छा किए तो आप खुशियों के साथ साथ दौलत भी हासिल कर लेंगे।

हमने बहुत सुना है कि जो पानी गतिशील होता है वही स्वच्छ और काम के लायक होता है। और जो रुका हुआ है वह कभी भी कीचड़ बन जाता है। इसलिए हमेशा गतिशील रहे इसी बात को समझाने के लिए हम आपको एक कहानी बताते हैं।


एक बार गौतम बुद्ध एक गांव में धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। लोग अपनी परेशानियों को लेकर उनके पास जाते और उनका हल लेकर खुशी-खुशी वहां से लौटते। उसी गांव में सड़क के किनारे एक गरीब व्यक्ति बैठा रहता और धर्म सभा में आने जाने वाले लोगों का लोगों को ध्यान से देखता। उसे बड़ा आश्चर्य होता कि लोग अंदर तो बड़ा दुखी लेख चेहरा लेकर जाते हैं लेकिन जब वापस आते हैं तो बड़े प्रसन्न दिखाई देते।

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उस गरीब को लगा कि क्यों ना वह भी अपनी समस्या बुद्ध के सामने रखें। मन में यह विचार लिए वह भी महात्मा बुद्ध के पास पहुंचा। लोग  पंक्ति बंद खड़े होकर उन्हें अपनी समस्या बता रहे थे और वह मुस्कुराते हुए सब की समस्याएं हल कर रहे थे।

जब उसकी बारी आई तो उसने सबसे पहले महात्मा को प्रणाम किया और कहा भगवान इस गांव में लगभग सभी लोग खुश और समृद्ध है फिर मैं ही क्यों गरीब हूं? इस पर बुद्ध मुस्कुराते हुए बोले – तुम गरीब और निर्धन इसलिए हो क्योंकि तुमने आज तक किसी को कुछ नहीं दिया।

आश्चर्यचकित होकर गरीब बोला – भगवान मेरे पास भला दूसरों को देने के लिए क्या होगा? मेरा तो स्वयं का गुजारा बहुत मुश्किल से हो पाता है। लोगों से भीख मांगकर अपना पेट भरता हूं।

भगवान बुद्ध कुछ देर शांत रहे फिर बोले – तुम बड़े अज्ञानी हो। औरों को बांटने के लिए ईश्वर ने तुम्हें बहुत कुछ दिया है। मुस्कुराहट दी है जिससे तुम लोगों में आशा का संचार कर सकते हो। मुंह से दो मीठे शब्द बोल सकते हो। दोनों हाथ से लोगों की मदद कर सकते हो। ईश्वर ने जिसको यह तीन चीजें दी है वह कभी गरीब और निर्धन हो ही नहीं सकता। निर्धनता का विचार आदमी के मन में होता है यह तो एक भ्रम है इसे निकाल दो यह सुन उस आदमी का चेहरा चमक उठा।

Conclusion

इस कहानी से आप समझ गए होंगे कि गरीब और दुखी होना एक भ्रम है ना की वास्तविकता। आप दुसरो की मदद करेगे तो आप हमेशा खुश रहेगे।

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