Hindi Stories with Moral – आगे बढ़ना है तो जलना छोड़े


Hindi Stories with Moral – पृथ्वी पर बहुत सारे जीव है पर इंसान सबसे अलग है। भगवान ने इंसान को जो ताकत दी है उसी का नतीजा है कि आप और हम इतने उन्नत और सम्रध्द युग में जी रहे हैं जहां। आज हमने इतनी तरक्की कर ली है जिससे घर बैठे ही कुछ भी कर सकते है। पर क्या आपको यह लगता है कि सभी इंसानो ने मिलकर इतने आविष्कार किए हैं जिसका हम मजा ले रहे हैं। इसका उत्तर है नहीं। विश्व की इतनी सारी आबादी में कुछ लोग हैं जो कुछ हटकर सोचते हैं और उस काम को पूरा करते हैं और हम उन्हीं काम का मजा लेते हैं।

Hindi Stories with Moral

अब सोचिए दिनभर में आप ऐसा क्या करते हैं कि देश दुनिया या समाज का भला हो सके? खुद के बारे में सोचने से कभी आप समृद्ध नहीं हो सकते, आपको दूसरों के बारे में भी सोचना होगा। इंसान का एक स्वाभाव है जिससे वह अपने आपको बर्बाद कर लेता है, वह है जलन और ईर्ष्या। दूसरे के पास इतना सारा है, और मेरे पास कुछ नहीं। यह लाइन ही जलन का कारण बनती है।

यह बात ध्यान रखें दोस्तों कि भगवान ने सभी को कुछ न कुछ शक्ति दी है। जिसका इस्तेमाल सिर्फ वही कर सकता है। दूसरा कोई नहीं कर सकता। अगर आप के मन में किसी के प्रति जलन का भाव है मतलब आपकी लाइफ में वह इंसान ज्यादा महत्व रखता है। आप अपना समय उसके बारे में सोच कर बर्बाद कर रहे हैं। इसी समय का इस्तेमाल कर आप कुछ नया कर सकते हैं। इसी बात को समझाने के लिए हम आपको एक कहानी सुनाते हैं –


Hindi Stories with Moral

एक बार एक महात्मा ने अपने शिष्यों से कहा कि वह कल अपने साथ एक थैली में बड़े आलू लेकर आएं। आलू के ऊपर उस व्यक्ति का नाम लिखा होना चाहिए जिनसे वह ईर्ष्या करते हैं। जो व्यक्ति जितने व्यक्तियों से इर्ष्या करे वह उतने आलू लेकर आएं। अगले दिन किसी पास चार आलू थे किसी के पास 10 थे।  और हर आलू पर उस व्यक्ति का नाम लिखा था जिससे वह नफरत करते थे।

अब महात्मा ने कहा कि अगले 7 दिनों तक यह आलू आप सदैव अपने साथ रखें, चाहे कुछ भी करें। जैसे तैसे शिष्यों ने 7 दिन बिताए और महात्मा की शरण ली। महात्मा को आलू देकर शिष्यों ने चैन की सांस ली। महात्मा जी उनसे विगत दिनों के अनुभव के बारे में पूछा शिष्यों ने आलू की बदबू से होने वाली परेशानी के बारे में बताया।

महात्मा ने कहा मात्र 7 दिनों में ही आपको यह आलू बोझ लगने लगे तब सोचिए कि आप जिन व्यक्तियों से ईर्ष्या या नफरत करते हैं उनका कितना बोझ आपके मन पर होता होगा। और वह बोझ आप लोग तमाम जिंदगी ढोते रहते हैं।

ईर्ष्या तुम्हारे मन पर अनावश्यक बोझ डालती है। इसके कारण तुम्हारे मन में भी बदबू बढ़ जाती है। इसलिए अपने मन से इन भावनाओं को निकाल दें।

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इस कहानी का उद्देश्य सिर्फ इतना कहना है कि दूसरों से जलन करके कभी आप अपने आप को सफल नहीं कर सकते आप में जो शक्ति है, जो प्रतिभा है उसे पहचाने और आगे बढ़े। दुसरो की बराबरी करने वाला इन्सान कभी सफल नहीं हो सकता। हर इन्सान को अपना रास्ता खुद चुनना होगा।

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