जिंदगी में सफलता हासिल करने के 5 मंत्र


5 rules success life – अगर आप विजेता बनना चाहते है तो आपको ऐसे अवसरों को तलाश करना होगा जो आम आदमी को नजर नही आते है।जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव जिस व्यक्ति को परेशान नही करते, वही विजेता बन सकता है। विपरीत परिरिस्थितियो में ही विजेता की पहचान होती है। मुश्किल हालात में विजेता अपनी मेहनत से अवसरों का निर्माण करते है।

5 rules success life

काम के प्रति उनका पैशन और कमिटमेंट उन्हें भीड़ से अलग बनाता है। अगर आप अपने जीवन में सफल होना चाहते है तो आपको अपने आस-पास बिखरे हुए अवसरों पर निगाह डालनी होगी और अपने सपनों को साकार करना होगा। सपने साकार करने के लिए खुद कड़ी मेहनत करनी होगी इसके लिए खुद को प्रेरित रखे।

1. विचार नही, कर्म करे

जब साधारण व्यक्ति चीजो को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहते है तो असाधारण व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति उन चीजों की मदद से अपने सपनो को पूरा करने का रास्ता तैयार करते है। वे किसी भी काम को अंजाम तक पहुचने में माहिर होते है। छोटी-मोटी समस्याए उन्हें परेशान नही करती है। बल्कि मंजिल की और तेजी से बढ़ते के लिए प्रेरित करती है। वे अधिक कर्म करने में यकीन करते है। वे चीजो से जुडकर उन्हें बाहरी नजरिये से देखते है।

2. विनिंग टीम कि ले मदद

आज तक एक भी ऐसा विजेता नही हुआ जो विनिंग टीम के बिना ही जीत गया हो। विजेता बनने के लिए आपको पास शानदार टीम ऐसे होनी चाहिए। बेहतरीन टीम ऐसे लक्ष्य प्राप्त करती है जो शुरू में नामुमकिन लगते है। अगर लीडर अच्छा है तो वह अपनी टीम के हर सदस्य को लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। अच्छा टीम लीडर टीम के सदस्यों के सामने एक मिशन पेश करता है इसे सभी मिलकर उस मिशन को पूरा करने में जुट जाते है।


3. रिस्क ले, मिलेगी सफलता

विजेता आमतौर पर बड़ी रिस्क लेना पसंद करते है। जब उन्हें अवसर नजर आता है तो वे हाई-रिस्क और हाई-रिवार्ड के माध्मय से उसका विस्तार करते है। वे अपनी पूरी ऊर्जा से चुनौतियो का सामना करते है। उन्हें पता होता है कि रिस्क लेने से जीवन में कुछ बेहतर मिल पाता है। हो सकता है कि उन्हें किसी क्षेत्र में ज्यादा सफलता न मिल पाए पर वे रिस्क लेने कि अपनी आदत को नही बदलते है।

4. कभी भी करे शुरुआत

हो सकता है कि विजेता शुरुआत करने वालो में प्रथम स्थान पर न हो लेकिन वे पूरी ‌‍इंडस्ट्री को प्रभावित करने की क्षमता रखते है। गूगल पहला सर्च इंजन नही था, फेसबुक प्रथम सोशल प्लेटफ़ॉर्म नही था, और पेपल पहली पेमेंट कंपनी नही थी। देरी से शुरू करने के बावजूद ये कंपनिया अपनी इंडस्ट्री का पर्याय बन गई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योकि इन्होने कुछ नया पेश किया।

5. विफलता का सामना

ऐसा कोई नही कह सकता है कि विजेता फेल नही होते। उन्हें काफी विफलताए मिलती है पर वे अपनी स्प्रिट को कमजोर नही होने देते। वे हर लड़ाई को जितने के बजाय सबसे बड़े लक्ष्य पर निगाह रखते है। वे धैर्य के साथ लगातार काम करते रहते है उन्हें किसी बात की चिंता नही सताती।

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